जब जन्म कुंडली में दो ग्रह आपस में 2 और 12 बैठे हुए हो

21 Jan

 

जब जन्म कुंडली में दो ग्रह आपस में 2 और 12 बैठे हुए हो तो इन दोनों ग्रहों की परस्पर दशा और अंतर्दशा में जातक की  अस्थाई रूप से पहचान का नुकसान हो सकता है|

इन की दशाओं में जातक को पहचान संबंधी चुनौतियां आ सकती हैं

उदाहरण के तौर पर एक ग्रह चौथे घर में बैठा है और दूसरा ग्रह पांचवे घर में बैठा है मान लीजिए चौथे घर में गुरु है और पांचवे घर में शुक्र है| ऐसे में  जब शुक्र की महादशा में गुरु का अंतर आ जाए अथवा  गुरु की महादशा में शुक्र का अंतर आ जाए|

इस प्रकार  की दशाओं में व्यक्ति की पहचान  खो सकती है अथवा पहचान बदल सकती है|

व्यक्ति को अपनी पहचान बनाए रखने में कई चुनौतियां आ सकती हैं और अक्सर देखा जाता है की ऐसी दशाओं में व्यक्ति को कुछ ना होता हुआ प्रतीत हो सकता है

ऐसी दशाओं में व्यक्ति को चाहिए कि वह कुछ परिवर्तन खासतौर से अच्छे परिवर्तन अपने जीवन में लाने का प्रयास कर सकता है

ज्यादातर मामलों में देखा जाता है कि कुछ ऐसे परिवर्तन हो जाते हैं जो कि व्यक्ति नहीं चाहता है अतः हम यह कह सकते हैं कि दो  और 12  बैठे हुए ग्रह ना केवल परिवर्तन लाते हैं बल्कि परिवर्तन संबंधी या पहचान संबंधी चुनौतियां भी लेकर आते हैं|

 

When the two planets are sitting between two planets in the horoscope, then the mutual state of these two planets and interference can result in temporarily loss of the  identity of person.

Under these conditions, the person may have identity-related challenges

For example, a planet is sitting in the fourth house and the second planet is sitting in the fifth house. Suppose the fourth is a master in the house and the fifth is Venus in the house. In such a way, when the difference of the master in the Mahadasha of Venus comes, or the difference of Venus in the Mahadasha of the master will come.

In such situations, the identity of the person can be lost or identity can change.

The person can face many challenges in maintaining his identity and it is often seen that in such situations, the person may seem to have nothing

In such situations, the person should try to bring some changes especially in his life.

In most cases it is seen that there are some changes that the person does not want, so we can say that the two and the twelve sitting planets not only bring changes, but also bring about change or identification challenges.

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